प्रयागराज कुम्भ 2019 में विशेष स्नान दिवस

11 January 2019 16:13 Spiritual Desk

कुंभ मेला हिन्दू तीर्थयात्राओं में सर्वाधिक पावन तीर्थयात्रा है। प्रयागराज कुंभ में अनेक कर्मकाण्ड सम्मिलित हैं और स्नान कर्म कुंभ के कर्मकाण्डों में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। करोड़ों तीर्थयात्री और आगंतुक दर्शकगण कुंभ मेला स्नान कर्म में प्रतिभाग करते हैं। त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगायी जाती है। पवित्र कुंभ स्नानकर्म इस विश्वास के अनुसरण में किया जाता है कि त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर एक व्यक्ति अपने समस्त पापों को धो डालता है, स्वयं को और अपने पूर्वजों को पुनर्जन्म के चक्र से अवमुक्त कर देता है और मोक्ष को प्राप्त हो जाता है। स्नान - कर्मकाण्ड के साथ-साथ तीर्थयात्री पवित्र नदी के तटों पर पूजा भी करते हैं और विभिन्न साधुगण के साथ सत्संग में प्रतिभाग करते हैं।

मकर संक्रांति (माघ मास का प्रथम दिन, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है) से आरंभ होकर प्रयागराज कुंभ के प्रत्येक दिन इस कर्मकाण्ड का सम्पादन एक पवित्र स्नान माना जाता है, तथापि कतिपय मांगलिक पवित्र स्नान तिथियां और भी हैं। कुंभ मेला के आरंभ से विहित तिथियों पर शाही स्नान जिसे ‘राजयोगी स्नान’ के रूप में भी जाना जाता है, वहां विभिन्न अखाड़ों (धार्मिक आदेशपीठों) के सदस्यों, संतों एवं उनके शिष्यों की आकर्षक शोभायात्रायें निकाली जाती हैं। शाही स्नान कुंभ मेला का प्रमुख स्नान है एवं कुम्भ मेला का केन्द्रीय आकर्षण हैं और महोत्सव का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाग है, केवल शाही स्नान के पश्चात् ही सर्व साधारण को इस विश्वास में पवित्र स्नान करना अनुज्ञात किया जाता है, कि जन सामान्य भी पवित्र संतों के पवित्र कार्यों एवं विचारों के सार कलाप प्राप्त कर सकेंगे।

• मकर संक्रान्ति

• पौष पूर्णिमा

• मौनी अमावस्या

• • बसंत पंचमी

माघी पूर्णिमा

• महाशिवरात्रि

मकर संक्रान्ति

एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को ही संक्रान्ति कहते हैं । भारतीय ज्योतिष के अनुसार बारह राशियां मानी गयी हैं- मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ और मीन, जनवरी महीने में प्रायः 14 तारीख को जब सूर्य धनु राशि से (दक्षिणायन) मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होता है तो मकरसंक्रांति मनायी जाती है । लोग व्रत स्नान के बाद अपनी क्षमता के अनुसार कुछ न कुछ दान अवश्य करते हैं।

कुम्भ आयोजन

कुंभ-2019 को एक अद्वितीय भव्यता का उत्सव बनाने आयोजन करने के लिये उत्तर प्रदेश सरकार ने मेला का सक्षम संचालन सुनिश्चित करते हुये अनेक उपाय किये हैं। अभूतपूर्व दीर्घास्थाई निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। फ्लाईओवरों और रेलवे अधोसेतुओं के निर्माण, शहर में 34 सड़कों का चौड़ीकरण और 32 मुख्य चौराहों का सौन्दर्यीकरण का व्रह्द्द निर्माण एवं उन्नयन कार्य प्रयागराज को कुंभ- 2019 के लिये तैयार करने हेतु कराये जा रहे कार्यों की कुछ प्रमुख झलकियाँ हैं।

सरकार के सभी विभागों के द्वारा विकास कार्य किये जा रहे हैं। इन कार्यां में रेलवे स्टेशनों का उन्नयन और सम्पूर्ण विश्व से आने वाले दर्शकों एवं तीर्थयात्रियों के आवागमन हेतु प्रयागराज में नवीन सिविल एयरपोर्ट का निर्माण प्रगति पर है। अग्रेतर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रयागराज को प्रतापगढ़, रायबरेली एवं वाराणसी से सम्बद्ध करने वाले प्रमुख राजमार्गों का पुनर्निर्माण एवं उन्नयन कर रहा है। तीर्थयात्रियों को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक नौ वहन की सुविधा स्नान घाटों तक पहुंचने के लिये भारतीय नौ अंतर्देशीय वहन प्राधिकरण द्वारा 5 जेटीज का निर्माण कर उपलब्ध कराई जायेगी।

116 सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में 84 पार्किंग स्थलों का निर्माण संगम से अल्प दूरी पर किया जा रहा है। 524 से अधिक शटल बसें एवं बहुसंख्या में सी0एन0जी0 आटो यात्रीगण को आने ले जाने के लिये चलाये जाने हैं। अब तक 41 पार्किंग स्थलों की पहचान कर ली गयी है, जिसमें से 18 को परिकस्बों के रूप में विकसित किया गया है। लगभग 54 ठहराव क्षेत्रों का विकास शहर में विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है जिसका उपयोग शहर में यात्रियों के द्वारा प्रतीक्षा व विश्राम हेतु किया जायेगा।

व्यवस्थित एवं सहज यातायात हेतु मेला क्षेत्र, शहर एवं आवागमन के क्षेत्रों में डिजिटल संकेतन की व्यवस्था किये जाने की योजना बनायी गयी है। स्वच्छता एवं स्वास्थ्यप्रद सफाई बनाये रखने हेतु 1.22 लाख से अधिक शौचालयों को स्थापित किये जाने की योजना है और सेप्टिक प्रबंधनों हेतु आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। कचरा एकत्र करने हेतु कुल 20000 डस्टबिन लगाये जायेंगे और कचरे के मेला क्षेत्र से बाहर परिवहन हेतु 120 टिप्पर्स एवं 40 कॉम्पैक्टर्स लगाये जायेंगे।

दिव्य कुंभ-भव्य कुंभ का वास्तविक अनुभव कराने के लिये मेला क्षेत्र को 40 हजार से अधिक एल0ई0डी0 बल्बों से प्रकाशित किया जायेगा। पर्यटकों की सुविधा हेतु पी0पी0पी0 माडल पर 4200 प्रीमियम टेंटों का एक शहर स्थापित किया जा रहा है, जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केन्द्र होगा। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिय प्रत्येक सेक्टर में पंड़ाल स्थापित किये जायेंगे। वृहद पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिये गंगा पंडाल स्थापित किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सभागारों का निर्माण किया जा रहा है। कुंभ मेला के नवोन्मेषी नूतन आकर्षणों में परिचायक प्रवेशद्वार, लेजर शो, ‘पेंट माई सिटी’ अभियान और हेलीटूरिज्म हैं।

कुंभ- 2019 की यातायात व्यवस्था तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि करने हेतु नियोजित की गयी है। आगुंतको को सुविधा प्रदान करने के लिये दूरसंचार सेवायें, बैंकिंग सेवायें और वाटर ए0टी0एम0 सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में नियोजित किये जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा का प्रबंध करने के लिये समेकित समादेश एवं नियंत्रण केन्द्र जो आधुनिक तकनीक से सज्जित हैं, नियोजित किये जा रहे हैं। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में बेहतर निगरानी और जोखिमों, जिससे भारी आपदा हो सकती है, में कमी लाये जाने हेतु 1000 सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित किये जायेंगे।

क्या करें एवं क्या न करें

क्या करें

कृपया संचलन योजना, आवासीय परिसर, महत्वपूर्ण अवसरों एवं तिथियां इत्यादि के लिये बेबसाइट पर देखें और मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।

• हल्के सामान के साथ यात्रा करें। यदि डाक्टर के द्वारा सलाह दी गयी है तो दवायें साथ लायें।

• अस्पताल, खाद्य एवं आकस्मिक सेवायें इत्यादि सुविधाओं की जानकारी रखें।

• आकस्मिक सम्पर्क नंबर की जानकारी रखें।

• केवल उन्ही स्नान क्षेत्रों/घाटों का उपयोग करें जो मेला द्वारा प्राधिकृत किये गये हैं।

• उपलब्ध शौचालयों एवं मूत्रालयों का उपयोग करें।

• कचरा निस्तारण हेतु डस्टबिन का उपयोग करें।

• मार्ग खोजने के लिये पथ प्रदर्शक बोर्ड का उपयोग करें।

• वाहनों को खड़ा करने के लिये पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।

• मेला क्षेत्र व शहर में रूकने के लिये स्थान के निकटतम स्नान घाटों का उपयोग करें।

• यदि कोई अपरिचित या संदिग्ध वस्तु पायी जाती है तो पुलिस या मेला प्रशासन को सूचित करें।

• जन संचारण तंत्र या किसी अन्य विधा के माध्यम से दिये गये नियमों, विनियमों एवं अनुदेशों का अनुसरण करें।

• मेला आयोजन में कार्यकारी विभागों के साथ सहयोग करें।

• अपने सामानों के प्रति सजग रहें और अपने प्रिय जनों एवं सामन के खोने की स्थिति में खोया पाया केन्द्र पर संपर्क करे।

• कोई यात्रा योजना बनाते समय अतिरिक्त समय शामिल करें।

क्या न करें

• मूल्यवान, अनावश्यक खाद्य पदार्थ, कपड़े एवं सामान न लायें।

• अजनबी पर विश्वास न करें। अप्राधिकृत स्थानों पर भोज्य ग्रहण न करें।

• उकसाने वाली बात करके अनावश्यक संघर्ष आमांत्रित न करें।

• अनुमन्य सीमाओं से परे नदी में जाने का साहस न करें।

• साबुन, डिटरर्जेंट का उपयोग सफाई/धुलाई के प्रयोजनार्थ करते हुये या पूजन सामग्री को फेकते हुये नदियों को प्रदूषित न करें।

• यदि किसी संक्रामक रोग से ग्रसित हैं तो भीड़ भरी स्थानों पर न रूके ।

• शहर में एवं मेला क्षेत्र में प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग न करें। प्लास्टिक की थैलियां सरकार और माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा कुंभ मेला के दौरान प्रतिषिद्ध हैं।

• खुले में शौच या मूत्र त्याग न करें।

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